इत्तिहाद में कामयाबी है
याद रखे अल्लाह तबारक वताआला कभी भी कौम की हालत या उस इंसान की हालत जब तक वह खुद नह चाहले कभी भी उस शख़्स की या क़ौम की हालात नहीं बदलता अल्लाह हमारी सोंच पर रहम फरमावे (आमीन) हमारी इस तहरीर को बुरा नह माना जाए जीस अल्फाज का इस्तेमाल मैं आगे करने जा रहा हूं उस शख़्स की तवल्लुद यानी पैदाईश इस ज़मीन पर बोझ है खुद उनकी ग़फलत की सबब उन के इख़्तियार में सही या ग़लत को चुन्ने की समझदारी या बावजूद क़ुव्वत के उसका इस्तेमाल वह नह करे
