" इमदाद रोहानी " वह जमाअत है जहाँ हम मरीज़ों को शिफा पहुँचाने के अमल को करते हैं जिन कि उन्हें ख़ुद को, दूसरों को, और हमारी आलमी ब्रादरियों को शिफा देने के ज़रीए हिफाज़ते ईमानी का तक़ाज़ा है
🌙 ख़ातिमह असरात ए हमज़ाद जो शख्स आयतुल कुर्सी को चीनी की सफेद प्लेट पर ज़ाफ़रान व अरक़-ए-गुलाब से लिख कर गुलाब ही के पानी से धो कर 19 दिनों तक पी ले या पिलावे और उसी तरह लिख कर गले में बांधें या बंधवा दें तो इंशा अल्लाह असरात हमज़ाद से निजात मिले (वल्लाहु बिस्सवाब)। 🔐 पासवर्ड वेरीफाई ⬇ डाउनलोड वज़ाईफ